दुसरे दिन मुगल बगीचे देखने के बाद हमने ऱुख किया विश्व प्रसिद्ध हजरतबल दरगाह की तरफ। ये एक खूबसूरत मस्जिद है जो डल झील के किनारे बनी है। डल इसकी खूबसूरती में चार चांद लगा देती है। इस मस्जिद में हजरत मोहम्मद की दाढी का बाल रखा गया है इसलिए इसके बेहद पवित्र माना जाता है। साल में एक बार इस बाल के दर्शन आम जनता को करवाये जाते है।
पूरी इमारत सफेद संगमरमर से बनी है। अन्दर मुख्य हाल में लकडी का सुन्दर काम किया गया है। अन्दर फोटो लेना मना था इसलिए आपको दिखा नही सकता।
मस्जिद का पूरबी छोर डल झील की तरफ है। इस ओर से देखने पर मस्जिद की विशालता नजर आती है। यहां से शिकारा लेकर चार चिनार देखने के लिए जाया जा सकता है।

यहां से बाहर निकलते ही सामने श्रीनगर विश्वविद्यालय नजर आता है। काफी बडे इलाके में इसको बनाया गया है। यहां खाने पीने की भी दुकाने है। आगे बढने पर हमने नागिन झील देखी। ये झील डल की तुलना में काफी छोटी है लेकिन शहर की भीड भाड से दुर होने के काऱण काफी शान्ती है यहां। इस झील में भी हाउस बोट हैं जिनमें ऱुका जा सकता है। नागिन झील के बाद हमारा अगला मुकाम था ऱोजाबल। ये एक दरगाह है जिसके बारे में माना जाता है कि ये कब्र ईसा मसीह की है।ऐसा विश्वास किया जाता है कि ईसा मसीह ने अपने आखिरी दिन यही बिताये थे। ये जगह एक तंग गली में हैं। इसे श्रीनगर की देखने वाली जगहो में शामिल नहीं किया जाता है इसलिए अगर आप इसे देखना चाहते हैं तो अपको अपने गाडी वाले से कहना होगा। ये जगह खानयार इलाके में हैं ।

ये सब देखते हुए शाम के पांच बज चुके थे। सबसे आखिर में हम लोग लाल चौक गये। लाल चौक श्रीनगर का सबसे बडा बाजार है। लेकिन इसके साथ ही ये जगह अब राजनीति का भी केन्द्र है । श्रीनगर में होने वाली राजनैतिक रैलियां यहीं आयोजित की जाती हैं। सुरक्षा भी बेहद पुख्ता इंतजाम यहां किया गया है। इससे ही लगा है रेजिडेन्सी रोड का इलाका। ये भी एक बाजार है जहा से कश्मीरी चीजों की खरीदारी की जा सकती है।










7 comments:
आप सौभाग्यशाली हैं कि आपको घूमने का मौका मिलता है. उसको इस तरह से ब्लाग पर लिखना भी बहुत अच्छा है. लेकिन प्रस्तुति में थोड़ी कमी दिख रही है. यात्रा विश्लेषण वही सबसे अच्छा होता है कि पढ़नेवाला भी आपके साथ यात्रा करने लगे और जब पढ़ना खत्म हो तो वह उस जगह के बारे में उतना जान चुका हो जितना आप वहां जाकर जाने हैं या अनुभव किया है. अगर ऐसा नहीं होता तो यात्रा अधूरी रह जाती है.
कुछ और तत्व शामिल करने के बारे में सोचिएगा. प्रयास अच्छा है.
Badhiya hai....Sushant Ji bhi tumhare blog ki tareef kar rahe the..Accha Experimentation hai...
बढ़िया रहीं तस्वीरें, विवरण और आपको पढ़ना.
bahut sundar or dilkash lagi saari tasveeren..aise hi laate rahen, tahnks Dipanshu
हिला दिया राजा...वैसे संजय तिवारी जी के के सुझाव गौर करने लायक हैं। तस्वीर तो लाजवाब हैं ही..अब थोड़ा ज्यादा टाईम स्क्रिप्ट पर लगाओ।
आपके तो चित्र ही पूरी बात कह देते हैं...बेहद खूबसूरत जगह देख कर आ रहे हैं आप...
नीरज
कश्मीर वादी जितना घूमो कम है... दो साल रहा... चप्पा चप्पा छान मारा... फिर भी बहुत कुछ देखना रह गया।
शुभकामना
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