जयपुर के नाश्ते के सफर को आगे बढाते हैं। असल में राजस्थान के खाने की बात ही कुछ और है। यहां के खानें में सूखी सब्जियों का ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है। चाहे वो कैर सांगरी की सब्जी हो या लहसुन की चटनी( बात करते ही मुंह में पानी आ जाता है।)
राजस्थान की खासियत दाल बाटी और चूरमा है जिसे खाये बिना तो आपका राजस्थान में घूमना ही बेकार है। जयपुर में राजस्थानी खाने के लिए पोलोविक्ट्री सिनेमा के पास संतोष भोजनालय में जा सकते हैं। यहां पर ठेठ राजस्थानी खाना खाया जा सकता है।
यहां पर मिलने वाली थाली में दाल बाटी चूरमा, बाजरे की रोटी, गट्टे की सब्जी सभी कुछ लिया जा सकता है। घी के साथ दाल बाटी खाने का मजा ही अलग है। वैसे बाटी को बनाने के बाद घी से भरी कटोरी में डुबोया जाता है जिससे उसका स्वाद कई गुना बढ जाता है। हालांकि संतोष में घी में डूबी बाटी तो नहीं मिलेगी लेकिन अलग से घी दिया जाता है।
गट्टे को बेसन से बनाया जाता है बहुत सारे मसालों के साथ इसकी सब्जी बनाई जाती है। संतोष में पैंतीस से चालिस रुपये में ये थाली खायी जा सकती है।
इसके अलावा जौहरी बाजार के लक्ष्मी मिष्ठान भंडार में भी राजस्थानी थाली खायी जा सकती है। यहां थाली में कई तरह के चूरमें दिये जाते हैं। ये जयपुर की सबसे प्रसिद्ध मिठाई की दूकान है। इसके कारण थोडा मंहगा भी है। थाली के लिए करीब दो सो रुपये देने होगें।
इसके अलावा लक्ष्मी मिष्ठान भंडार की मिठाई भी स्वादिष्ट होती है। यहां का घेवर बहुत अच्छा होता है। राजस्थान का मजा लेने के लिए जयपुर में एक और जगह है। इसका नाम है चोखी ढाणी। ये एक फाइव स्टार रिजोर्ट है।
जिसे राजस्थानी तौर तरीकों पर बनाया है। लेकिन यहां पर शाम बिताने के लिए भी जाया जा सकता है।जिसके लिए करीब दौ सो रुपये का टिकट लेना होगा। इसमें आप राजस्थानी खाने के साथ ही मनोरंजन का मजा भी ऊठा सकते हैं। ये तो है जयपुर के खाने का सफर, हो सकता है कि कुछ रह गया हो जिसें में फिर कभी बताऊंगा।
Friday, April 11, 2008
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2 comments:
सही - करीब बीस साल पहले - गुजराती समाज की भी एक थाली होती थी - पाँच बत्ती के पास वाली दूकान की लस्सी (अमूमन १० बजे तक खत्म हो जाती थी) - और मुस्लिम मुसाफिरखाना का मटन इस्ट्यू भी अद्वितीय खाने का सामान होता था - गौरी (गणगौर) की काफ़ी शॉप रात भर खुली रहती थी
जयपुर के खाने की सभी जगहें और खाने-नाश्ते के दाम बता देते तो जयपुर आने वालों को सुविधा हो जाती। फिर भी अच्छी और उपयोगी पोस्ट है।
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