Wednesday, February 27, 2008

चम्बा-अनजानी खूबसूरती










ॠषिकेश से टिहरी जाने वाली सडक पर हैं एक हिल स्टेशन चम्बा। चम्बा का नाम सुनते ही सबको हिमाचल याद आता है। लेकिन ये चम्बा उत्तरांचल में टिहरी से दस किलोमीटर पहले है।



समुद्र तल से सोलह सौ मीटर की उँचाई पर बसा है ये हिल स्टेशन है। मेरी टिहरी यात्रा में मैने रात को चम्बा मे रुकने का फैसला किया। जिस रिजोर्ट में मै रुका वो पहाड की चोटी पर था, लगभग दो हजार मीटर की उँचाई पर।

रात के आठ बज चुके थे। चारों और फैला कोहरा माहौल को रोमानी बना रहा था। जुलाई के महीने भी अच्छी ठंड लग रही थी। वहां पहुच कर कैम्प फायर करते हुए हमने खाना खाया। रात को पहाड की चोटी से चारों और जगमगाती लाईट तारों का सा आभास दे रही थी।


चम्बा की सुबह तो बेहद सुहानी थी। सुबह सुबह बत्तखों की आवाज से ही आंख खुली। रिजोर्ट में बत्तख पाली गई थी। दरवाजे पर उनके चहचहाने से ही मेरी सुबह हुई। उसके बाद कमरे से बाहर आकर चम्बा की असली सुन्दरता को देखा।


हल्की हल्की धुंध फैली हुई थी। पहाड की उँचाई से चम्बा घाटी मैं पहाडी खेतों का नजारा दिखाई दे रहा था। चारों और शांति पसरी पडी थी। उसके कुछ देर के बाद में निकल गया टिहरी के लिए लेकिन मन में चम्बा की खूबसूरती को बसाये।

क्या देखें-

चम्बा के आस पास देखने के लिए कई मंदिर हैं। चम्बा का इलाका अपने फलों के बागों के लिए प्रसिद्ध है। आस पास के सेब के बगीचो को देखा जा सकता है। रिजोर्ट आप के लिए घूमने की व्यवस्था कर देते हैं। यहां से नई टिहरी दस किलोमीटर है वहां जाकर टिहरी बांध को देखा जा सरकता हैं। मसूरी आकर भी चम्बा आया जा सकता है। मसूरी यहां से साठ किलोमीटर दूर है।

कहां ठहरें-

चम्बा को देख कर यहां कुछ अच्छे रिजोर्ट खुल गये हैं, थोडे मंहगे हैं लेकिन रहने के लिए अच्छी सुविधा ये देते हैं। अब कुछ सस्ते होटल भी बन गये हैं।

कैसे पहुचें-

ॠषिकेश से सत्तर किलोमीटर दूर है। बस की सुविधा है। रेल से हरिद्वार तक आकर हरिद्वार से भी बस ली जा सकती हैं। दिल्ली से लगभग तीन सौ किलोमीटर दूर है चम्बा। दिल्ली से भी सीधी बस सेवा है।

5 comments:

Raghav said...

Second photo is good.
Third is the best!
Pure serenity........

Mired Mirage said...

मन से यायावर तो हम भी हैं । जब यायावरी कर नहीं पाते तो मन ही पंख लगा कर उड़ लेता है । फोटो बढ़िया हैं ।
घुघूती बासूती

anuradha srivastav said...

आपने तो हमारी यादें ताज़ा कर दी। चम्बा की कढाई और हस्तकला के बारें में भी जानकारी देते तो अच्छा था।

mamta said...

बहुत ही सुंदर फोटो और चम्बा के बारे मे जानकारी।
जब हम लोग चम्बा गए थे तब तो वहां ज्यादा कुछ मतलब रीसोर्ट वगैरा नही थे।पर हाँ जगह बहुत ही खूबसूरत है।

Dr. B.L. Thapliyal said...

The original name of Chamba is Chamua, the original name of Tehri is Tri hari, meaning 3 rivers.